surah naas with hindi translation | सूरह फलक हिंदी तर्जुमा के साथ

Comments · 184 Views

surah naas with hindi translation | सूरह फलक हिंदी तर्जुमा के साथ

 

Surah  Naas Hindi Translation | सूरह नास हिंदी तर्जुमे के साथ  

  बिस्मिल्ला  हिर्रहमा  निर्रहीम  

  1. कुल अ ऊजु बिरब बिन नास     
  2. मलिकिन  नास     
  3. इलाहिन  नास     
  4. मिन  शर रिल वसवासिल खन्नास  
  5. अल्लज़ी  युवसविसु फी सुदूरिन नास     
  6. मिनल  जिन्नति वन नास     

Bismilla  Hirrahma Nir Raheem  

  1. Qul Aoozu Birabbin Naas  
  2. Malikin Naas  
  3. Ilahin Naas  
  4. Min Sharril Waswasil Khannas  
  5. Allazi Yuwaswisu Fi Sudoorin Naas  
  6. Minal Jinnati Wannas  

सूरह नास  

   

   

   

  शुरू अल्लाह के नाम से जो बहुत बड़ा मेहरबान व निहायत रहम वाला है।  

  1. कह  दीजिये    कि    पनाह    में    आता    हूँ    तमाम    लोगो    के    परवर    दिगार    की     
  2. लोगो  के    बादशाह    की     
  3. लोगो  के    माबूद    की     
  4. वस्वसा  डालने    वाले    खन्नास    के    शर    से     
  5. जो  लोगो    के    सीनो    में    वस्वसा    डालता    है     
  6. जिनो  और    इंसानो    में    से     

 

  1. kah dijiye ki panaah me aata hu tamaam logo ke parwardigar ki  
  2. logo ke baadshah ki  
  3. logo ke maabood ki  
  4. waswasa daalne wale khannas ke shar se  
  5. jo logo ke seeno me waswasa dalta hai  
  6. jino aur insaano me se  

   

सूरह नास की तफसीर   

1. ये दो आखिरी सूरतें (सूरह फलक सूरह नास) मुअव्वजातें कहलाती हैं ये उस वक़्त नाज़िल हुई थी जब हुज़ूर सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम पर यहूदियों  की तरफ से जादू किया गया था  और उसके कुछ असरात आप पर ज़ाहिर हुए थे इन सूरतों में इस का इलाज बताया गया है | हदीसो से मालूम होता है कि इन सूरतों की तिलावत और इन से दम करना जादू के असरात दूर करने के लिए बेहतरीन अमल है हुज़ूर सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम इन सूरतो की तिलावत करके अपने जिस्म पर दम कर लिया करते थे  

2. खन्नास शैतान को कहते हैं  इसके मानी छुपने के हैं जब अल्लाह का ज़िक्र होता है तो वह छिप जाता है फिर जब मौक़ा मिलता है तो वस्वसे डालता रहता है  

3. जिनो में  तो शैतान होते ही हैं इंसानो में भी शयातीन होते हैं जो बहकाते रहते हैं उन कि बाते सुन सुन कर तरह तरह के बुरे खयालात और वस्वसे पैदा होते हैं इसीलिए आयत में दोनों तरह के वस्वसे डालने वालो से पनाह मांगी गयी है अल्लाह हम सब को अपनी पनाह में रखे और हर तरह के शर से बचाये  आमीन  

4. इस सूरह में बार बार लफ्ज़ नास ला कर तमाम इंसानियत को रब्बे कायनात से जुड़ने कि दावत है कि वही तमाम इंसानो का रब है बादशाह भी है माबूद भी है सब को उसी से लौ लगाने की ज़रुरत है |  

Comments